3 कलेक्टर बदल गए थे, लेकिन RTO आनंद तिवारी पर 4 साल से जांच ही चलती रही, भूमि अधिग्रहण में लगभग साढ़े 3 करोड़ की थी हेरा फेरी, अब निलंबित, कई और अधिकारी रडार में…

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बिलासपुर। अरपा भैंसाझार परियोजना में मुआवजा वितरण के दौरान जमीन की नाप-जोख में भारी अनियमितता सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए वर्तमान बिलासपुर आरटीओ आनंद रूप तिवारी को निलंबित कर दिया है। आनंद तिवारी पर यह आरोप है कि उन्होंने बिलासपुर में एसडीएम पद पर रहते हुए भू-अर्जन की प्रक्रिया में घोर लापरवाही और नियम विरुद्ध कार्य किया, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ। गौरतलब है कि 3 कलेक्टर बदल गए थे, लेकिन RTO आनंद तिवारी पर 4 साल से जांच ही चलती रही। बता दे कि भूमि अधिग्रहण में लगभग साढ़े 3 करोड़ की थी हेरा फेरी की गई थी, अब निलंबित का आदेश शासन ने जारी किया है, वहीं अब कई और अधिकारी रडार में हैं।

एक ही खसरे में अलग-अलग रकबा, मुआवजा में करोड़ों का खेल

अरपा भैंसाझार परियोजना के तहत किए गए भू-अर्जन में एक ही खसरे को अलग-अलग रकबा दिखाकर मुआवजा वितरित किया गया। जांच में यह खुलासा हुआ कि करीब 3.42 करोड़ रुपए की अनियमितता की गई। यह फर्जीवाड़ा उस समय हुआ जब आनंद रूप तिवारी कोटा के एसडीएम थे। इस घोटाले में उनके साथ तत्कालीन एसडीएम कीर्तिमान सिंह राठौर सहित कई अन्य राजस्व और जल संसाधन विभाग के अधिकारी दोषी पाए गए हैं।

जांच समिति ने जताई थी सख्त आपत्ति

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई थी। समिति की रिपोर्ट में कई वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई। हाल ही में दोबारा की गई जांच में राजस्व निरीक्षक (RI) मुकेश साहू को बर्खास्त कर दिया गया है और अन्य दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

इन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी:

कीर्तिमान सिंह राठौर (तत्कालीन SDM, वर्तमान में रायपुर में अपर कलेक्टर)

आनंद रूप तिवारी (वर्तमान RTO, तत्कालीन SDM)

मोहर साय सिदार (तत्कालीन नायब तहसीलदार)

राहुल सिंह (तत्कालीन राजस्व निरीक्षक)

आरएस नायडू, एके तिवारी (जल संसाधन विभाग)

राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, आरपी द्विवेदी (तत्कालीन SDO)

आरके राजपूत (तत्कालीन उप अभियंता)

पटवारी दिलशाद अहमद

अरपा भैंसाझार परियोजना 12 वर्षों से अधूरी

साल 2013 में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी द्वारा शिलान्यास की गई अरपा भैंसाझार परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इस परियोजना की लागत शुरुआत में 606 करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर 1,141 करोड़ रुपए पहुंच गई है। 95% कार्य पूरा हो चुका है और जल संसाधन विभाग का दावा है कि इस वर्ष के अंत तक परियोजना पूरी हो  जाएगी। इस परियोजना के पूर्ण होते ही बिलासपुर जिले के कोटा, तखतपुर और मस्तूरी ब्लॉक के 102 गांवों के लगभग 25,000 हेक्टेयर खेतों में खरीफ फसल के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

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