विघ्नेश्वर मिश्रा / डेस्क। महाकुंभ के चर्चित आईआईटियन बाबा अभय सिंह ने प्रतीका से शादी कर ली है.प्रतीका पेशे से एक इंजीनियर हैं,उनका विवाह हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित अबंजर महादेव मंदिर में शिवरात्रि के पावन पर्व पर हुई थी. शादी के बाद अभय सिंह और प्रतीका पहली बार अपने पैतृक गांव झज्जर पहुंचे, जहां उनकी मां ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया.

अभय सिंह के परिवार ने भी इस मौके पर कई रस्में निभाई. अभय सिंह ने आईआईटी मुंबई से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वह हिमाचल प्रदेश में सनातन यूनिवर्सिटी की स्थापना में जुटे है. प्रतीका भी इंजीनियर हैं और कर्नाटक की रहने वाली है. उन्होंने अभय सिंह से एक साल पहले मुलाकात की थी और दोनों ने साथ में सनातन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है.
विवाह के बंधन में आईंआईटी बाबा
अभय सिंह ने 2023 में घर छोड़ दिया था और अध्यात्म के मार्ग पर है, आईआईटियन बाबा अभय सिंह और उनकी पत्नी प्रतीका ने 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज की थी. अब वे पहली बार अपने गांव झज्जर पहुंचे। वे अपनी अर्धांगिनी के साथ तहसील में अपने बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराने पहुंचे थे..
अभय सिंह और प्रतीका के घर पहुंचने पर उनके घरवालों में खुशी का माहौल दिखा। मां शीला देवी ने तिलक लगाकर आरती किया और बहू का गृह प्रवेश कराया. इसके बाद वे पैतृक गांव सासरौली गए, जहां रीति-रिवाज से पूजा की गई. अभय सिंह के परिवार वाले उनके शादी के बाद बहुत खुश है.
जानिए…कैसे हुई इस प्रेम कहानी की शुरुआत?
प्रतीका ने बताया कि अभय का स्वभाव बेहद सहज और सरल है, उनकी ईमानदारी जो उन्हें बहुत पसंद आयी .अब वे दोनों मिलकर सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में लगे है. प्रतीका ने महाकुंभ के दौरान अभय सिंह के सुर्खियों में आने के बाद वे उनसे संपर्क में आई थी. सालभर पहले हुई उनकी दोस्ती हुई और दोस्ती प्यार फिर शादी के बंधन में तब्दील हो गई.
जुलाई 2025 में दोनों ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया में शेयर किया था, जिसके बाद ढेरों सवाल उठे थे। दोनों ने इन सवालों का जवाब भी दिया था.प्रतीका ने बताया कि वे दोनों एक-दूसरे के साथ खुश हैं और अपने जीवन को सनातन संस्कृति के लिए समर्पित करना चाहते हैं.
पढ़िए…अभय सिंह से जुड़े रोचक किस्से
अभय सिंह ने दिल्ली में आईंआईटी की कोचिंग के बाद 2008 में आईआईटी मुंबई में दाखिला लिया था. उन्होंने एयरो स्पेस में बीटेक किया और फिर एमटेक किया , इसके बाद वे कनाडा चले गए और हवाई जहाज बनाने वाली कंपनी में कई साल काम किया. 2021 मे अभय भारत लौट आए और फोटोग्राफी करने लगे. उन्होंने अपने जीवन में एक नया अध्याय शुरू किया, जिसमें वे अपनी रुचियों को आगे बढ़ाने लगे.
साल 2023 में अभय सिंह ने अपने परिवार से दूरी बना ली और एक अलग रास्ता चुन लिया.साल 2025 में महाकुंभ के दौरान वे आईआईटीयन बाबा के नाम से मशहूर हो गए, लेकिन अपने बयानों के कारण वे काफी विवादों में भी घिर गए. उन्हें गुरु और सनातन विरोधी अभद्र टिप्पणियों के कारण जूना अखाड़े ने 19 जनवरी 2025 को निष्कासित कर दिया था. इसके अलावा,अभय सिंह ने बताया कि प्रतीका कर्नाटक के मंगलुरु की मूल निवासी हैं और पेशे से इंजीनियर है. उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और अब हिमाचल प्रदेश में सनातन यूनिवर्सिटी की स्थापना में जुटे है।
