विधि संकाय के परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी पर NSUI का विरोध, निष्पक्ष जांच व पुनर्मूल्यांकन की मांग

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बिलासपुर | अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में विधि संकाय के हाल ही में घोषित परीक्षा परिणामों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने परीक्षा परिणामों में गंभीर विसंगतियों और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने त्रुटिपूर्ण परिणामों की निष्पक्ष जांच और समयबद्ध पुनर्मूल्यांकन कर संशोधित परिणाम जल्द जारी करने की मांग की है।

NSUI के अनुसार, विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के विधि पाठ्यक्रमों के परिणामों में कई चौंकाने वाली खामियां सामने आई हैं। बड़ी संख्या में ऐसे छात्रों को अनुपस्थित दर्शा दिया गया है, जिन्होंने नियमित रूप से परीक्षा दी थी। वहीं कई विषयों में विद्यार्थियों को एक समान अंक दिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा एटीकेटी और पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के परिणामों में भी गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि कई छात्रों के पुराने अंकों को ही दोबारा अंकित कर दिया गया है, जिससे उनकी वास्तविक उपलब्धि दर्ज नहीं हो सकी। सबसे गंभीर स्थिति कौशलेंद्र राव विधि महाविद्यालय में देखने को मिली, जहां बी.कॉम एलएलबी के 36 विद्यार्थियों में से मात्र 4 ही उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। NSUI का कहना है कि यह स्थिति मूल्यांकन में गंभीर त्रुटि और प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है।

छात्रों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट

संगठन ने चेतावनी दी है कि इन त्रुटिपूर्ण परिणामों का सीधा असर छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य पर पड़ रहा है। विशेष रूप से अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि ऑल इंडिया बार एग्जाम (AIBE-XXI) के आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित है। ऐसे में समय पर संशोधित परिणाम जारी न होने पर कई छात्र परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।

जानिए NSUI की क्या है मांग

ज्ञापन में NSUI ने मांग की है कि विधि संकाय के घोषित सभी संदिग्ध परीक्षा परिणामों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिन छात्र-छात्राओं को परीक्षा में उपस्थित होने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाया गया है, उनके परिणामों में तत्काल सुधार किया जाए। इसके साथ ही जिन विषयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एक समान अंक दिए गए हैं, उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का विशेष पुनर्परीक्षण कराया जाए। संगठन ने यह भी कहा है कि एटीकेटी एवं पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के परिणामों की अलग से समीक्षा कर, जहां पुराने अंकों की गलत पुनरावृत्ति हुई है वहां वास्तविक अंक दर्ज किए जाएं। साथ ही विधि संकाय के सभी प्रभावित विद्यार्थियों के लिए पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।

प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग

NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि छात्रों को राहत मिल सके और उनके भविष्य पर मंडरा रहा संकट टाला जा सके।

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