छत्तीसगढ़िया टेलेंट ने बनाया Gemini और chatgpt जैसा AI प्लेटफॉर्म, 2 साल तक किया था रिसर्च… जानिए कौन हैं ये…

-

डेस्क/ रायपुर। वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) के नक्शे पर राजधानी ने एक ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराई है। रायपुर के विख्यात टेक-एक्सपर्ट और मार्वलेस कम्पलीट डिजाइन एंड आइटी साल्यूशन के मार्गदर्शक गौरव तिवारी ने महज दो साल के रिसर्च के बाद स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) प्लेटफार्म तैयार कर लिया है। वे यूएस की कंपनियों के लिए एप डेवलप, वेबसाइट डिजाइन करने जैसे 900 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं।


उनका दावा है कि यह प्लेटफार्म सीधे तौर पर दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गजों- गूगल के ‘जेमिनी’ और ओपन एआइ के ‘चैट जीपीटी’ की तरह काम करेगा है। यह प्लेटफार्म आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए काफी सरल बनाया गया है, जिससे आम लोग भी इससे लाभ ले सकें। अब तक जिन अत्याधुनिक कार्यों के लिए भारतीय यूजर्स और कार्पोरेट कंपनियां विदेशी एआई प्लेटफार्म्स पर निर्भर थीं, वे सभी काम अब इस स्वदेशी प्लेटफार्म के जरिए चुटकियों में संभव होंगे। उन्होंने बताया कि इस प्लेटफार्म को तैयार करने के बाद उन्होंने तीन महीने का ट्रायल भी किया है, 30 हजार यूजर उपयोग करने लगे थे, जिससे लोड काफी बढ़ा और बंद करना पड़ा।



एप डेवलपमेंट से लेकर 8K वीडियो री-मास्टर्स तक की सुविधा

गौरव तिवारी द्वारा विकसित किया गया यह एआई प्लेटफार्म एक आल-इन-वन सुपर टूल की तरह काम करता है। दावा है इसकी क्षमताएं मौजूदा वैश्विक एआई टूल्स से सरल व बेहतर परिणाम देता है। इसमें बिना किसी जटिल कोडिंग ज्ञान के भी एडवांस्ड मोबाइल एप्लिकेशन और साफ्टवेयर डेवलप किए जा सकते हैं। यह प्लेटफार्म दुनिया के मात्र 0.1% एक्सपर्ट्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एडवांस्ड 3-डी जेल और स्क्राल-टर्निंग इफेक्ट्स के साथ वर्ल्ड-क्लास वेबसाइट्स सेकंडों में जनरेट कर सकता है। किसी भी साधारण फोटो या वीडियो को क्रिस्टल-क्लियर 8-के क्वालिटी में बदलने में सक्षम है। जहां अधिकांश एआई टूल्स अभी भी सामान्य इमेज या वीडियो आउटपुट देते हैं।

बेंगलुरु से एम्बेडेड साफ्टवेयर इंजीनियरिंग की बारीकियां सीखीं

इस खोज को अंजाम देने वाले गौरव तिवारी तकनीकी जगत का एक बड़ा नाम हैं। बीई (इंस्ट्रूमेंटेशन) और गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कालेज से एम.टेक करने वाले गौरव ने बेंगलुरु से एम्बेडेड साफ्टवेयर इंजीनियरिंग की बारीकियां सीखी हैं। पेशेवर तौर पर वे छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) में सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर रह चुके हैं, जहां उन्होंने अकेले ही मुख्यमंत्री आवास जैसी उच्च स्तरीय संस्थाओं के बेहद संवेदनशील और मिशन-क्रिटिकल प्रोजेक्ट्स का तकनीकी जिम्मा संभाला था।

ग्लोबल टेक रियलिटी को बदलने का माद्दा रखते हैं भारतीय इंजीनियर

वर्ष 2026 में जहां एक तरफ गूगल और माइक्रोसाफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियां एआइ पर अरबों डालर का रिकार्ड पूंजी निवेश कर रही हैं, वहीं रायपुर से निकले इस आविष्कार ने साबित कर दिया है कि भारतीय इंजीनियर्स ग्लोबल टेक रियलिटी को बदलने का माद्दा रखते हैं। हालिया समय में दुनियाभर की कार्पोरेट कंपनियां एआई की तरफ शिफ्ट हो रही हैं। ऐसे समय में रायपुर में तैयार हुआ यह स्वदेशी एआई प्लेटफार्म भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा, जिससे डेटा सुरक्षा भी मजबूत होगी और विदेशी साफ्टवेयर पर निर्भरता भी खत्म होगी।

जो लोग इस तकनीक को सही तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं, वे बड़ी बढ़त बना रहे
-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य क्या होगा, यह 100 फीसदी निश्चित रूप से न तो सैम आल्टमैन कह सकते हैं और न ही सुंदर पिचाई, लेकिन जो लोग इस तकनीक को सही तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं, वे बड़ी बढ़त बना रहे हैं। हमारा यह प्लेटफार्म इसी डिलीवरी और परफार्मेंस का नतीजा है।
– गौरव तिवारी, तकनीकी विशेषज्ञ

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Follow us

5,093FansLike
2,310FollowersFollow
4,023FollowersFollow
8,039SubscribersSubscribe

LATEST POSTS

कंचन विहार में श्री गणेश उत्सव समिति द्वारा भव्य भंडारे का आयोजन, भक्तों ने...

निशांत तिवारी  बिलासपुर। कंचन विहार में श्री गणेश उत्सव समिति द्वारा भव्य भंडारे का आयोजन, भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद...

गंधर्व समाज भवन में हर्षोल्लास से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, तिरंगे को दी सलामी,...

बिलासपुर। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चिंगराजपारा स्थित गंधर्व समाज भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता...

दीवार से सटाकर मकान बनाने को लेकर विवाद, डंडे से किया जानलेवा हमला… फरार...

निशांत तिवारी बिलासपुर। बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम डोडकी में मकान निर्माण को लेकर हुए विवाद में जानलेवा हमला करने...

भाजपा बिलासपुर ग्रामीण में जिला मीडिया प्रभारी एवं सहप्रभारियों की घोषणा, उदय को जिला...

बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के यशस्वी प्रदेशाध्यक्ष श्री किरण सिंह देव एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री पवन साय की...

दिन दहाड़े ऑटो चालक की ह’त्या… फिर आसपास के CCTV तोड़ दिया, ताकि पुलिस...

बिलासपुर - तोरवा थाना क्षेत्र में सोमवार उस वक्त सनसनी फैल गई, जब देवरीखुर्द मोड़ के पास स्थित शराब...

चैंबर की राजनीति गरमाई: संशोधन मुद्दे पर कमल सोनी ने खोला मोर्चा, कहा –...

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बिलासपुर में आयोजित कार्यकारिणी बैठक के बाद संविधान संशोधन और त्यागपत्र...

जुआरियों की घूमती महफिल पर कब लगेगा ब्रेक? ‘आज यहां, कल वहां’ फल फूल...

बिलासपुर। जिले में कई अंदरुहनी इलाकों में जुआरियों का लुकाछिपी खेल चल रहा है। बड़ी संख्या में जुआरी एक...

न नाली, न बिजली, बहतराई में खसरा नंबर 459 पर अवैध प्लाटिंग का खेल,...

निशांत तिवारी  बिलासपुर। शहर के बहतराई क्षेत्र में स्टेडियम के सामने स्थित गली के अंदर खसरा नंबर 459 पर कथित रूप से अवैध प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी […]

कुएं के गिरने से युवक की हुई मौत… इस गलती की वजह से गई...

निशांत तिवारी बिलासपुर - कोटा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय युवक की कुएं...

Most Popular

डेस्क/ रायपुर। वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) के नक्शे पर राजधानी ने एक ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराई है। रायपुर के विख्यात टेक-एक्सपर्ट और मार्वलेस कम्पलीट डिजाइन एंड आइटी साल्यूशन के मार्गदर्शक गौरव तिवारी ने महज दो साल के रिसर्च के बाद स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) प्लेटफार्म तैयार कर लिया है। वे यूएस की कंपनियों के लिए एप डेवलप, वेबसाइट डिजाइन करने जैसे 900 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं।


उनका दावा है कि यह प्लेटफार्म सीधे तौर पर दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गजों- गूगल के 'जेमिनी' और ओपन एआइ के 'चैट जीपीटी' की तरह काम करेगा है। यह प्लेटफार्म आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए काफी सरल बनाया गया है, जिससे आम लोग भी इससे लाभ ले सकें। अब तक जिन अत्याधुनिक कार्यों के लिए भारतीय यूजर्स और कार्पोरेट कंपनियां विदेशी एआई प्लेटफार्म्स पर निर्भर थीं, वे सभी काम अब इस स्वदेशी प्लेटफार्म के जरिए चुटकियों में संभव होंगे। उन्होंने बताया कि इस प्लेटफार्म को तैयार करने के बाद उन्होंने तीन महीने का ट्रायल भी किया है, 30 हजार यूजर उपयोग करने लगे थे, जिससे लोड काफी बढ़ा और बंद करना पड़ा।



एप डेवलपमेंट से लेकर 8K वीडियो री-मास्टर्स तक की सुविधा

गौरव तिवारी द्वारा विकसित किया गया यह एआई प्लेटफार्म एक आल-इन-वन सुपर टूल की तरह काम करता है। दावा है इसकी क्षमताएं मौजूदा वैश्विक एआई टूल्स से सरल व बेहतर परिणाम देता है। इसमें बिना किसी जटिल कोडिंग ज्ञान के भी एडवांस्ड मोबाइल एप्लिकेशन और साफ्टवेयर डेवलप किए जा सकते हैं। यह प्लेटफार्म दुनिया के मात्र 0.1% एक्सपर्ट्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एडवांस्ड 3-डी जेल और स्क्राल-टर्निंग इफेक्ट्स के साथ वर्ल्ड-क्लास वेबसाइट्स सेकंडों में जनरेट कर सकता है। किसी भी साधारण फोटो या वीडियो को क्रिस्टल-क्लियर 8-के क्वालिटी में बदलने में सक्षम है। जहां अधिकांश एआई टूल्स अभी भी सामान्य इमेज या वीडियो आउटपुट देते हैं।

बेंगलुरु से एम्बेडेड साफ्टवेयर इंजीनियरिंग की बारीकियां सीखीं

इस खोज को अंजाम देने वाले गौरव तिवारी तकनीकी जगत का एक बड़ा नाम हैं। बीई (इंस्ट्रूमेंटेशन) और गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कालेज से एम.टेक करने वाले गौरव ने बेंगलुरु से एम्बेडेड साफ्टवेयर इंजीनियरिंग की बारीकियां सीखी हैं। पेशेवर तौर पर वे छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) में सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर रह चुके हैं, जहां उन्होंने अकेले ही मुख्यमंत्री आवास जैसी उच्च स्तरीय संस्थाओं के बेहद संवेदनशील और मिशन-क्रिटिकल प्रोजेक्ट्स का तकनीकी जिम्मा संभाला था।

ग्लोबल टेक रियलिटी को बदलने का माद्दा रखते हैं भारतीय इंजीनियर

वर्ष 2026 में जहां एक तरफ गूगल और माइक्रोसाफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियां एआइ पर अरबों डालर का रिकार्ड पूंजी निवेश कर रही हैं, वहीं रायपुर से निकले इस आविष्कार ने साबित कर दिया है कि भारतीय इंजीनियर्स ग्लोबल टेक रियलिटी को बदलने का माद्दा रखते हैं। हालिया समय में दुनियाभर की कार्पोरेट कंपनियां एआई की तरफ शिफ्ट हो रही हैं। ऐसे समय में रायपुर में तैयार हुआ यह स्वदेशी एआई प्लेटफार्म भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा, जिससे डेटा सुरक्षा भी मजबूत होगी और विदेशी साफ्टवेयर पर निर्भरता भी खत्म होगी।

जो लोग इस तकनीक को सही तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं, वे बड़ी बढ़त बना रहे
-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य क्या होगा, यह 100 फीसदी निश्चित रूप से न तो सैम आल्टमैन कह सकते हैं और न ही सुंदर पिचाई, लेकिन जो लोग इस तकनीक को सही तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं, वे बड़ी बढ़त बना रहे हैं। हमारा यह प्लेटफार्म इसी डिलीवरी और परफार्मेंस का नतीजा है।
- गौरव तिवारी, तकनीकी विशेषज्ञ