निशांत तिवारी
बिलासपुर। शहर के बहतराई क्षेत्र में स्टेडियम के सामने स्थित गली के अंदर खसरा नंबर 459 पर कथित रूप से अवैध प्लाटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ठगेश गुप्ता, रूपेश गुप्ता और पार्टनरों ने मिलकर जमीन बेच दी। जहां संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग खुलेआम की जा रही है, लेकिन नगर निगम की ओर से न तो जांच की जा रही है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई दिखाई दे रही है। निगम की अनदेखी के कारण अवैध प्लाटिंग का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। ऐसा प्रतीत होता है मानो नगर निगम ने इस ओर से आंखें मूंद ली हों। रहवासियों के अनुसार, अवैध प्लाटिंग के दौरान नगर नियोजन के मूल नियमों का पालन नहीं किया जाता। प्लॉट काटते समय नालियों, जल निकासी, सड़कों और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए पर्याप्त स्थान नहीं छोड़ा जाता। इसका खामियाजा बाद में यहां रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ता है।
बारिश के समय इस वजह से भरता है पानी
बारिश के मौसम में यही समस्या गंभीर रूप ले लेती है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है, लेकिन अभी भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अवैध प्लाटिंग की वजह से होता है जल भराव – कलेक्टर
गौरतलब है कि हाल ही में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी यह बात कही थी कि शहर में जलभराव की एक बड़ी वजह अवैध प्लाटिंग है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि बिना नियोजन के विकसित की गई कॉलोनियों में नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता है, जिसके कारण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
