रायपुर ( डेस्क)। वन विभाग के ठेकेदारों ने अपने हिसाब से टेंडर मैनेज करने के लिए रायपुर का होटल हयात का पूरा हॉल बुक कर लिया, पुष्पा फिल्म के सिंडीकेट की तरह इस बैठक में वन विभाग में काम करने वाले मंत्री केदार कश्यप के मुंहलगे सभी ठेकेदार पहुंचे। ठेकदारों का होटल में इक्ट्ठा होना बड़ी बात नहीं है। इसमें आपके जानने योग्य तथ्य यह है कि, इस बैठक को लीड प्रियदर्शन ग्रहाचार्य कर रहे थे। जो आरएफपी और जैम के विशेषज्ञ हैं। जिनकी जिम्मेदारी वन विभाग में सही तरिके से काम कराने के लिए दिए जाने वाले ठेकों में पारदर्शिता बनाना है। इस बैठक में मंत्री केदार कश्यप के कमिशन का हिस्सा सुनिश्चित करने के लिए युवा मोर्चा के प्रदेश सहकोषाध्यक्ष किर्ती पाढ़ी को बिठाया गया था।
खबर है कि, आने वाले दिनों में वन विभाग में मार्च तक लगभग 250 करोड़ के सप्लाई और टेंडर होना है। इसके लिए मंत्री केदार कश्यप की ओर से किर्ती पाढ़ी, शैलाभ साहु और विभाग की ओर से प्रियदर्शन ग्रहाचार्य को संगठित रूप से मंत्री का हिस्सा निकालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए कई दौर की क्लोजडोर बैठकों में सभी का हिस्सा तय किया जा चुका है। 14 अक्टूबर को सिंडीकेट द्वारा तय किए गए कमिशन का ऐलान करने और किस ठेकेदार को कौन सा टेंडर देना है इसके लिए होटल हयात में 2.5 बजे से बैठक चली जिसमें उपस्थित सभी ठेकेदारों से उनको ठेका देने के लिए टर्म कंंडिशन पूछे गए। यह भी पूछा गया कि, टेंडर में कौन सा नियम जोड़ने पर केवल तय किए गए ठेकेदार को ही ठेका मिले। इस बैठक में ठेकेदारों ने अपनी ओर से कई प्रश्न पूछे जिसका जवाब विभागिय अधिकारियों ने दिया। कमिशन की राशि एडवांस छोड़ने को लेकर कई बार गहमागहमी की स्थिति भी बनी। लेकिन 250 करोड़ का काम दिखाते हुए शांत कर दिया गया। यह तय किया गया कि, वन विभाग में पोल यानी खंभा सप्लाई का काम केवल 7 ठेकेदारों के बीच बांटा जाएगा। बार्बेट वायर और चेन लिंक स्पलाई का काम केवल 10 व्यापारी करेंगे। अन्य सामग्री छोटे मोटे ठेकेदारों को देने पर सहमति बनी। दबाव यह भी बनाया गया कि, मंत्री के कुछ चहेते कार्यकर्ताओं को काम देने के लिए ठेकेदार डमी की भूमिका में होंगे, जो केवल बिल बनाने और टेंडर भरने का काम करेंगे। बाकि काम कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाएगा।
