निशांत तिवारी
बिलासपुर। चरित्र शंका के चलते एक युवक की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या करने के मामले में कोटा पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पहले युवक की आंखों में मिर्च पाउडर झोंका, फिर उसके साथ मारपीट की और अंत में बड़े पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 4 जून 2026 की शाम प्रार्थी आलोक सिंह अपने साथी यशु पोर्ते के साथ पल्सर मोटरसाइकिल से तथा निखिल गोस्वामी अपनी स्कूटी से शराब लेकर होटल 4 सीजन के आगे स्थित कच्चे मार्ग पर पहुंचे थे। तीनों वहां बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों में सवार चार युवक वहां पहुंचे। एक बाइक को उन्होंने आलोक सिंह और उसके साथी के पीछे और दूसरी बाइक को निखिल गोस्वामी के सामने खड़ा कर दिया। बताया गया कि दीपक दास उर्फ भोला ने निखिल गोस्वामी की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया, जिसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। घटना से घबराकर आलोक सिंह ने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो निखिल गोस्वामी गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा मिला। आरोपियों ने उसके सिर पर बड़े पत्थर से वार कर उसे बुरी तरह कुचल दिया था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था। घायल निखिल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना कोटा पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार पतासाजी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 11 जून 2026 को चारों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी (26 वर्ष) निवासी ग्राम भुंडा थाना कोटा, निखिल राव उर्फ निक्कू (24 वर्ष) निवासी देवनगर कोनी थाना कोनी, करण दास मानिकपुरी (24 वर्ष) निवासी देवनगर कोनी थाना कोनी तथा कुश साहू उर्फ बुतरू (26 वर्ष) निवासी तेलियापुराण भरारी थाना कोटा शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में यह हुआ खुलासा
पुलिस जांच में प्रारंभिक रूप से सामने आया है कि चरित्र शंका को लेकर आरोपियों और मृतक के बीच विवाद था, जिसके चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। उक्त कार्रवाई में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक धर्मेंद्र साहू, आरक्षक मनमोहन कोसले तथा एसीसीयू बिलासपुर की टीम की विशेष भूमिका रही।
