निशांत तिवारी
बिलासपुर । जिले में नशे के खिलाफ एसएसपी के नेतृत्व में लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसी बीच कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा नशे के कारोबार को संरक्षण देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कोटा थाना क्षेत्र में गांजा बेचने वाले आरोपी के नाबालिग बेटे को अवैध रूप से पैसे लेकर छोड़ने का मामला उजागर हुआ है, जिसके बाद एसएसपी ने हवलदार और एक आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है। वहीं थानेदार को नोटिस जारी किया गया है।
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मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को कोटा पुलिस ने रानीसागर गांव से गांजा तस्करी के आरोप में एक 13 वर्षीय बालक को हिरासत में लिया था। उसके पास से लगभग 500 ग्राम गांजा भी बरामद हुआ था। नियम के अनुसार पुलिस को कार्रवाई करना था, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने बालक को छोड़ने के बदले 80 हजार रुपए की मांग की। मजबूरी में आरोपी ने गांव के एक व्यक्ति से कर्ज लेकर यह रकम थाने तक पहुंचाई, जिसके बाद नाबालिग को गांजे सहित छोड़ दिया गया। रविवार सुबह यह मामला रजनेश सिंह के संज्ञान में आया। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक हवलदार और एक आरक्षक को निलंबित कर दिया, वहीं थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया। साथ ही यह भी जानकारी मिली कि डीएसआर बैठक के दौरान एसएसपी ने कोटा थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए जिम्मेदारों पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद कोटा पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची, लेकिन वह फरार मिल गया। फिलहाल पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है।
वसूली गई रकम कोचिए को करनी पड़ी थी वापस
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, बताया गया कि कोटा थाना क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तो की जा रही है, लेकिन आरोप है कि कई मामलों में कोचियों से मोटी रकम लेकर उन्हें छोड़ दिया जाता है। इससे पहले भी इस तरह की शिकायतें एसएसपी और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं। एक मामले में अफसरों की सख्ती के बाद पुलिस को वसूली गई रकम कोचिए को वापस करनी पड़ी थी।
