बिना मांग पत्र और विज्ञापन के एक ही पद पर दो डॉक्टरों की के दी नियुक्ति, दंत विभाग में नियमों की अनदेखी ! शासन को आर्थिक नुकसान…

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शासन को लग रहा चपत

अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल दंत विभाग में नियमों की अनदेखी कर संविदा चिकित्सक की नियुक्ति से शासन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यहां जूनियर रेसीडेंट के एक ही पद पर दो डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, एक संविदा पर तो दूसरा नियमित नियुक्ति पर। हैरानी की बात यह है कि शासन ने इस पद को मान्यता ही नहीं दी है, फिर भी विभाग में अनियमित तरीके से इनकी सेवाएं जारी हैं।

नियमानुसार, यदि संविदा पद पर नियुक्त डॉक्टर के स्थान पर कोई नियमित चिकित्सक आ जाता है, तो एक महीने के भीतर संविदा पद समाप्त करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद विभाग में दोनों डॉक्टरों को वेतन दिया जा रहा है, जिससे शासन को हर महीने हजारों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ रहा है।

RTI के तहत मिली जानकारी…

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, दंत विभाग में पदस्थ डॉ. धीरेंद्र कुमार सिंह को वर्ष 2020-21 में जूनियर रेसीडेंट के रूप में संविदा नियुक्ति मिली थी, लेकिन उन्हें बिना किसी आधिकारिक आदेश के सीनियर रेसीडेंट बना दिया गया। वहीं, शासन ने उनके स्थान पर नियमित जूनियर रेसीडेंट की भी नियुक्ति कर दी, जिससे अब दोनों डॉक्टरों को शासन द्वारा वेतन दिया जा रहा है।

बिना मांग पत्र और विज्ञापन के हुई नियुक्ति

गौर करने वाली बात यह है कि इन पदों के लिए विभाग द्वारा न तो शासन को कोई मांग पत्र भेजा गया और न ही कोई आधिकारिक विज्ञापन जारी किया गया। यानी पूरी प्रक्रिया में नियमों की खुली अवहेलना हुई है। जब इस विषय में विभागीय अधिकारियों से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने चुप्पी साध ली।

डीन बोले – जानकारी लेकर कुछ बता पाएंगे

इस मामले में मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल के डीन अविनाश मेश्राम ने कहा कि वे अभी छुट्टी पर हैं और यदि ऐसा मामला है, तो वे जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।

Note – इस खबर से संबंधित सभी दस्तावेज द फ्री वॉइस के पास मौजूद हैं।

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नियमानुसार, यदि संविदा पद पर नियुक्त डॉक्टर के स्थान पर कोई नियमित चिकित्सक आ जाता है, तो एक महीने के भीतर संविदा पद समाप्त करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद विभाग में दोनों डॉक्टरों को वेतन दिया जा रहा है, जिससे शासन को हर महीने हजारों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ रहा है।

RTI के तहत मिली जानकारी...

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, दंत विभाग में पदस्थ डॉ. धीरेंद्र कुमार सिंह को वर्ष 2020-21 में जूनियर रेसीडेंट के रूप में संविदा नियुक्ति मिली थी, लेकिन उन्हें बिना किसी आधिकारिक आदेश के सीनियर रेसीडेंट बना दिया गया। वहीं, शासन ने उनके स्थान पर नियमित जूनियर रेसीडेंट की भी नियुक्ति कर दी, जिससे अब दोनों डॉक्टरों को शासन द्वारा वेतन दिया जा रहा है।

बिना मांग पत्र और विज्ञापन के हुई नियुक्ति

गौर करने वाली बात यह है कि इन पदों के लिए विभाग द्वारा न तो शासन को कोई मांग पत्र भेजा गया और न ही कोई आधिकारिक विज्ञापन जारी किया गया। यानी पूरी प्रक्रिया में नियमों की खुली अवहेलना हुई है। जब इस विषय में विभागीय अधिकारियों से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने चुप्पी साध ली।

डीन बोले - जानकारी लेकर कुछ बता पाएंगे

इस मामले में मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल के डीन अविनाश मेश्राम ने कहा कि वे अभी छुट्टी पर हैं और यदि ऐसा मामला है, तो वे जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।

Note - इस खबर से संबंधित सभी दस्तावेज द फ्री वॉइस के पास मौजूद हैं।